विशेष न्यायालय पाक्सो ने वेदपुरा ढाणी निवासी महिला द्वारा रवांजना डूंगर थानाधिकारी मुकेश मीणा, एचएम प्रहलाद व पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ इस्तगासा स्वीकार किया है। साथ ही पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 तथा भादस की धारा 354, 323, 341, 452, 34, 149 में प्रसंज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
पीड़िता ने जरिये अधिवक्ता अनुपम तेहरिया विशेष न्यायालय पाक्सो में इस्तगासा पेश किया कि 12 जुलाई को सुबह 7 बजे वेदपुरा ढाणी थाना रवांजना डूंगर में अपने मकान पर खाना बना रही थी तथा दोनों बहनें झाडू लगा रही थी। पुत्र छह माह के दूसरे बेटे को गोद में लेकर बैठा था।
उसी समय रवांजना डूंगर थाना पुलिस की जीप आई, जिसमें सात पुलिसकर्मी बैठे थे। दो पुलिसकर्मी वर्दी तथा पांच सादा वर्दी में थे। पुलिसकर्मी परिवादीया के घर में घुस गए तथा पुत्र की गोद में बैठे छह माह के दूसरे बेटे को छीनकर जमीन पर पटक दिया तथा परिवादीया तथा उसके पुत्र के साथ लाठी-डण्डों से मारपीट करने लगे।
परिवादीया व उसके बेटे के चिल्लाने पर दोनों बहने आई तो उन्हें भी पुलिस ने मारा। 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री बचाने आई तो एचएम प्रहलाद ने नाबालिग को पीछे से पकड़कर जमीन पर पटक दिया तथा छेडछाड़ करने लगा। नाबालिग ने एचएम को धक्का देकर दूर किया तो अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे जमकर मारा। मारपीट में सभी परिजनों को चोटें आई है। परिवादीया के परिवार ने किसी तरह जान बचाई।
इसके बाद परिवादीया ने 12 जुलाई को परिवार जनों के साथ पुलिस अधीक्षक से घटना की शिकायत की। एसपी के आश्वासन के बाद परिवादीया व परिजनों ने जिला अस्पताल में उपचार कराया। इसके बाद पुलिस परिवादीया के परिवार के तीन लोगों को उठाकर थाने ले गई तथा जबरन राजीनामा करने के लिए दबाव बनाने लगे।
पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने पर 14 जुलाई को पुलिस अधीक्षक तथा रवांजना डूंगर थानाधिकारी को रिपोर्ट जरिये रजिस्टर्ड भिजवा दी। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, इसके चलते परिवादीया ने विशेष न्यायालय पाक्सो में इस्तगासा दायर किया। विशेष न्यायालय पाक्सो ने पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 तथा भादस की धारा 354, 323, 341, 452, 34, 149 में प्रसंज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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