भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अटारी जोन द्वितीय जोधपुर की ओर से कृषि विज्ञान केंद्रों की 3 दिवसीय वर्कशॉप का समापन रविवार को हुआ। कोरोना के चलते हुई इस वर्कशॉप में राजस्थान सहित हरियाणा, दिल्ली के 67 कृषि विज्ञान केन्द्रों ने भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने केवीके द्वारा किसान कल्याण में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही कहा कि वर्तमान में कृषि उत्पादक समूह का अधिक से अधिक गठन करें तथा सरकार की योजना के अधिकतम 750 किसानों के लिए 15 लाख का हिस्सा राशि तथा 18 लाख रुपए प्राप्त कर क्षेत्र तथा देश के विकास में योगदान करें।
एफपीओ की शुरुआत 300 सदस्य से की जा सकती है। उप महानिदेशक आईसीएआर डॉ. एके सिंह ने कहा कि वर्कशॉप में केवीके के प्रस्तुतीकरण को अच्छी तरह से देख कर चर्चा कर अपने जिले में आवश्यकतानुसार प्रसारित करें। श्रीकर्ण नरेंद्र कृषि विवि जोबनेर के वीसी डॉ. एस संधू ने दक्षता विकास पर जोर दिया।
उद्घाटन में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विवि बीकानेर के वीसी आरपी सिंह, जोधपुर कृषि विवि वीसी बीआर चौधरी भी शामिल हुए। एग्रीकल्चर विवि कोटा वीसी प्रो. डीसी जोशी ने बताया कि कृषि में उद्यमिता विकास के अवसर हैं। कोटा में जीकेआरवाई के तहत दक्षता प्रशिक्षण और केवीके करौली द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं।
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. के एम गौतम ने कहा कि इस बार कृषि विश्वविद्यालय कोटा के अधीनस्थ विज्ञान केंद्र ने प्रसार निदेशालय पर उपस्थित होकर अपना प्रस्तुतीकरण किया है। वर्कशॉप में प्रथम एवं द्वितीय को राजस्थान एवं हरियाणा एवं दिल्ली के कृषि विज्ञान केंद्र का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण किया गया। समापन सहायक निदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने आयोजन पर बधाई दी।
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