बाप, फलोदी, बापिणी और लोहावट केंद्रों पर अक्टूबर 2019 से फरवरी 2020 तक समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीद में 4 हजार 880 क्विंटल मूंगफली के 2 करोड़ 48 लाख 58 हजार रुपए के गबन में जांच अधिकारी को रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। ऐसे में एफआईआर दर्ज करवाने में देरी हो रही है।
जांच अधिकारी उप रजिस्ट्रार राकेश पुरोहित ने बताया कि सभी प्रभारियों को तीन बार नोटिस जारी किए हैं, लेकिन रिकॉर्ड नहीं मिलने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही। मुख्य व्यवस्थापक मुरली मनोहर व्यास को पहले से ही निलंबित किया जा चुका है और उनका चार्ज लाल जसावत के पास है। पुरोहित ने बताया कि लोहावट केंद्र प्रभारी हरिसिंह, बापिणी के देवीसिंह, बाप के दिलीप सिंह राजपुरोहित और फलोदी के मोहनलाल चौधरी गबन में शामिल हैं।
4 केंद्रों पर 2.48 करोड़ का हुआ है गबन
मूंगफली खरीद के बाद मुख्य व्यवस्थापक मुरली मनोहर व्यास ने 4 खरीद केंद्र की 4 हजार 880 क्विंटल मूंगफली स्टेट वेयर हाउस में जमा नहीं करवाई। ये मूंगफली 5050 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से खरीदी गई थी। मूंगफली जमा नहीं करवाने पर राजफैड के क्षेत्रीय अधिकारी हेमेंद्र आशियां ने प्रबंध निदेशक जयपुर को रिपोर्ट दी।
प्रबंध निदेशक ने रजिस्ट्रार सहकारी समितियां को इस बारे में पत्र लिखा। अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां धनसिंह देवल ने उप रजिस्ट्रार राकेश पुराेहित को भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। सत्यापन में सभी चारों केंद्रों को मिलाकर 2 करोड़ 48 लाख रुपए का गबन सामने आया।
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