वर्तमान में सोयाबीन की फसलों के लिए पानी की सख्त आवश्यकता है, किसानों की फसल सूखने की कगार पर है, यदि कुछ दिन और पानी नहीं मिला तो फसल सूख जाएगी। पहले से ही आर्थिक तंगी की मार झेल रहे किसानों के पास यदि फसल बर्बाद हो गई तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। पिछले साल हुई अच्छी बारिश के चलते इस वर्ष कुएं बावड़ी, बांधों में पर्याप्त पानी है, यदि समय नहरों में पानी छोड़ा ताे किसान बर्बाद हाे जाएगा।
किसान सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नहरों में पानी छोड़ा जाए, या खेती के लिए पर्याप्त बिजली दी जाए, लेकिन राज्य सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही। कालातालाब के किसान हुसैन देशवाली, धाकडख़ेड़ी के महावीर सुमन, महादेव गुर्जर का कहना है कि नहरों में पानी नहीं छोड़ रहे तो बिजली ही उपलब्ध करा दो, लेकिन यह भी नहीं हो रहा।
किसानों को कृषि कनेक्शनों पर 5-6 घंटे बिजली मिल रही है। बार-बार ट्रिपिंग से किसान परेशान है। दिन में बिजली अाने से वॉल्टेज कम होने माेटरें जल जाती है। 4 बार मोटर सुधरवा चुके है। राज्य सरकार ने कृषि कनेक्शनों के लिए अलग-अलग ब्लाॅक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की हुई है। रोटेशन के हिसाब से ब्लाॅक बदले जाते हैं।
फीडर अलग-अलग नहीं होने से भी परेशानी
कुछ वर्ष पहले राज्य सरकार के निर्देश पर डिस्काॅम ने फीडर सुधार कार्यक्रम चलाया था। इसमें कृषि कनेक्शन वाले फीडरों को घरेलू कनेक्शन वाले फीडरों से अलग करना था, ताकि गांवों मेंं बिजली गुल होने के बाद भी खेतों में सिंचाई के लिए बिजली मिलती रहे।
सीएडी पर प्रदर्शन कल
भाजपा देहात जिलाध्यक्ष मुकुट नागर ने बताया कि सीएडी प्रशासन द्वारा दायीं व बायी नहरों में समय पर जल प्रवाह नहीं करने को लेकर 21 जुलाई काे प्रस्तावित प्रदर्शन अब 22 जुलाई को सुबह 11 बजे किया जाएगा। सीएडी ऑफिस पर होने वाले इस प्रदर्शन में सभी भाजपा कार्यकर्ता व किसान भाग लेंगे।
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