भाेले का हुआ हरियाली शृंगार, दिनभर हुए अभिषेक

हरियाली, साेमवती अमावस्या और सावन के तीसरे साेमवार काे शिव का घास, पत्ते और फूलाें से हरियाला शृंगार किया गया। शिवालयाें में दिनभर जलाभिषेक हुए। मंदिराें में भक्त दर्शन काे पहुंचे। कहीं साेशल डिस्टेसिंग रही ताे कहीं इसकी पालना नहीं की गई। वहीं कुछेक मंदिराें में केवल पुजारियाें ने ही भाेले की पूजा अर्चना की गई। महिलाओंने व्रत, उपवास किए। सवा किलाे फल का दान किया। वहीं लाेगाें ने भी दिनभर दान पुण्य किए।

घराें पर शिव की उपासना की गई। कंसुआ मंदिर पर भक्ताें की लंबी लाइन लगी रही। यहां पुरात्व विभाग के कर्मचारी लाेगाें का मशीन से तापमान ले रहे थे और उनका नाम-पता भी नाेट कर रहे थे। यहां साेशल डिस्टेंसिंग में भगवान का अभिषेक हुआ। शिवपुरी धाम पर पुलिस ने व्यवस्था संभाली। लाेग साेशल डिस्टेंस में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। यहां हवन भी हुआ। जगतमाता मंदिर पर भगवान का हरियाली शृंगार हुआ।

छोटी समाध शिव मंदिर पर भगवान त्रिशूलधारी की झांकी सजाई गई। फेसबुक पर ऑनलाइन दर्शन कराए गए। वहीं भीतरियाकुंड, चंद्रेसल, नीलकंठ महादेव मंदिर में विशेष शृंगार किया गया। आरती उतारी गई। त्रिलोकी महादेव मंदिर संतोषी नगर पर भोलेनाथ का दुग्ध अभिषेक कर देश को कोरोना मुक्ति की कामना की गई। मंदिर समिति के मुख्य सचेतक रामावतार विजयवर्गीय ने बताया कि सावन में सोमवती का योग 20 साल बाद बना है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Spear's greenery is adorned, all day consecration


टिप्पणियाँ