पाइप लाइन मिलान पर विवाद, कोविड सेंटर में धरने पर पार्षद

वार्ड 71 पाबूबारी क्षेत्र में पेयजल सप्लाई का काम बीच में रोकने पर विवाद खड़ा हो गया। इसे लेकर कोविड सेंटर में दो पार्षद धरने पर बैठ गए। भूख हड़ताल की चेतावनी दे डाली। दिनभर घटनाक्रम चला। शाम को उच्च अधिकारियों तक बात पहुंची तो काम वापस शुरू किया गया।

दरअसल, पाबूबारी में हरिरामजी मन्दिर से लेकर खटीकों के मोहल्ले तक पेयजल आपूर्ति सालों से नहीं हो रही। पार्षद और स्थानीय लोगों की मांग पर जलदाय विभाग ने पाइप लाइन बिछा दी। उसके मिलान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह एरिया नत्थूसर टंकी का है, जबकि मोहल्ले के लोग जेलवेल टंकी से मिलान चाहते हैं।

जेलवेल टंकी के एक्सईएन ने फिजिबिलिटी चेक करने के लिए काम रुकवा दिया। इस वार्ड के पार्षद प्रफुल्ल हटिला कोरोना पीड़ित होने के कारण इनदिनों कोविड सेंटर विजयवर्गीय ढाणी में उपचाराधीन हैं। पार्षद मनोज बिश्नोई भी वहीं भर्ती हैं। मोहल्ले के लोगों के फोन आने के बाद उन्होंने जलदाय विभाग की जेलवेल टंकी, नत्थूसर टंकी के एक्सईएन और एसई पवन बंसल से बात की।

तीनों अभियंता जब एक-दूसरे पर टालने लगे तो दोनों पार्षद भूख हड़ताल की चेतावनी देते हुए कोविड सेंटर के पार्क में ही धरने पर बैठ गए। उस वक्त बारिश हो रही थी। पार्षदों के टेम्परेचर भी था। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर प्रशासन में हड़ंप मच गया।

स्वास्थ्य विभाग का दल और जेएनवी पुलिस कोविड सेंटर पहुंची। दोनों पार्षदों को समझाकर रूम में भेजा। उनके स्वास्थ्य की जांच की। एसएचओ गोविंद चारण ने बताया कि काम वापस शुरू होने के बाद मामला शांत हुआ। इस संबंध में नत्थूसर टंकी एक्सईएन विजय वर्मा से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन नो रिप्लाई रहा।

पार्षद बोले-टालमटोल कर रहे थे अभियंता, इसलिए धरना
पार्षद मनोज बिश्नोई और प्रफुल्ल हटिला ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पिछले महीने हमने जलदाय विभाग का घेराव किया था। उसके बाद एसई ने पाइप लाइन डालने के निर्देश दिए थे। दोनों एक्सईएन से भी बात हुई थी। जब मिलान की बात आई तो तीनों ही मामला टालने लगे। मोहल्ले के लोग भड़क गए, उनका साथ देना हमारा फर्ज है।

बिना बताए मिलान कर रहे थे, इसलिए रोका: एक्सईएन
जेलवेल टंकी के एक्सईएन अरुण सेठिया ने बताया कि क्षेत्र नत्थूसर टंकी का है। काम भी उन्हीं का है। फिजिबिलिटी चेक किए बिना ही लाइन का मिलान किया जा रहा था। एईएन को मौके पर भेजकर पता करवाया जा रहा है कि हमारी टंकी से इतनी दूर पानी की सप्लाई पहुंच सकेगी या नहीं। हम फ्लैट प्रेशर पर हैं, जबकि नत्थूसर टंकी हाइट पर है।



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Controversy over pipeline matching, Councilor on strike at Kovid Center


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