बंद शुगरमिल को शुरू करवाने को लेकर किसान और युवा सोमवार को क्षेत्र की पंचायतों में प्रशासन के काम का बहिष्कार कर पंचायत मुख्यालयों पर धरने के साथ असहयोग आंदोलन का आगाज करेंगे।
संयुक्त्त किसान समन्वय समिति की ओर से चल रहे शुगरमिल संचालन को लेकर आंदोलन को गति देने के लिए किसान संगठनों की रविवार को बैठक की गई। इसमें हाड़ौती किसान यूनियन के संभागीय महामंत्री दशरथ शर्मा ने कहा कि बंद पड़ी हाड़ौती क्षेत्र की जीवनदायिनी शुगरमिल को लेकर दोनों ही प्रमुख दलों ने खूब राजनीति की, लेकिन किसानों का भला नहीं कर पाए।
गन्ने का उत्पादन ठप होने के साथ ही किसानों की आर्थिक हालत लगातार गिरती ही जा रही है। सोयाबीन और धान की फसल किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होने लगी है। ऐसे में गन्ना उत्पादन शुरू होता हे तो क्षेत्र के नब्बे प्रतिशत से अधिक बैंकों के कर्ज में दबे किसान उभर सकते है।
बैठक में किसान नेता रामगोपाल मीणा, भंवरलाल चैधरी, सूरजमल नागर, बद्रीलाल बैरागी, अरविंद भूतिया, रामकल्याण सैनी, जगदीश वर्मा शामिल रहे। समिति प्रतिनिधि गिर्राज गौतम, नवीन शृंगी ने कहा कि सोमवार को जिले की कई पंचायतों में प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। सरकार के इसके बाद भी किसानों की मांग पर ध्यान नही दिया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
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