यूजीसी की ओर से अंतिम वर्ष के परीक्षाओं के निर्णय के विरोध में छात्रों का संघर्ष जारी है। शनिवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने डूंगर कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रामनिवास कुकणा ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले तीव्र गति से बढ़ रहे है।
जिसके चलते पूरे देश के विद्यार्थियों की भावना और एनएसयूआई संगठन की माँग है की केन्द्र सरकार बिना किसी भेदभाव किए सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार को विद्यार्थियों के जीवन और भविष्य की कोई चिंता नहीं है,अगर केन्द्र सरकार (यूजीसी) ने जल्द ही अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के आयोजन का निर्णय वापिस नहीं लिया तो पूरे देश में विद्यार्थी सड़कों पर उतरकर सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णकुमार गोदारा ने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि इस संकट के दौर में छात्र-छात्राओं की भावना को देखते हुए अविलंब सभी को प्रमोट किया जाए। प्रदर्शन में संयुक्त सचिव बलदेव चाहर, संजय जाखड़, करण, मनीष कस्वां, मोहित चारण, महेंद्र डूडी,गौरीशंकर कुमार, मनोज सैन, बहादुर सैन आदि शामिल हुए।
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