नगर निगम के पुराने वार्ड संख्या 36 के सफाई उप कार्यालय में वाल्मीकि समाज के एक नेता ने भिश्ती के जमादार पद पर काम करने का विरोध जताते हुए हंगामा किया और सफाई प्रभारी के ऑर्डर कॉपी नहीं दिखाने पर टेबल पर पड़े कागजात फेंक कर कुर्सी भी हवा में उछाल दी। अचानक हुए हंगामे के कारण सफाई कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया।
इस मामले पर सेनेट्री इंस्पेक्टर एसोसिएशन ने रोष जताते हुए इस घटना के बाद सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की। देर रात इस मामले में सदर कोतवाली थाने में हंगामा करने वाले नरेश कंडारा के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया गया।
नगर निगम के पुराने वार्ड संख्या 36 के वार्ड प्रभारी ललित आचार्य सोमवार को सफाई उप कार्यालय में थे तभी राजीव गांधी सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कंडारा वहां पहुंचे आैर आचार्य को वार्ड में तैनात भिश्ती सल्लाउद्दीन के जमादार पद पर काम करने पर एेतराज जताने लगे। इस पर आचार्य ने कहा कि सल्लाउद्दीन का आदेश तत्कालीन उपायुक्त अनुराग भार्गव ने किया था।
आदेश की कॉपी मांगने पर सफाई प्रभारी ने कहा उसने आदेश की कॉपी मुख्य सफाई निरीक्षक अपूर्व कुमार पुरोहित को दे दी थी। प्रभारी की यह बात सुनते ही कंडारा ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान अन्य कर्मचारियों ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन एकाएक कंडारा ने टेबल पर रखे कागजात फेंके और उसके पास कुर्सी हवा में उछाल दी।
मामले की जानकारी मिलने पर सेनेट्री इंस्पेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश तंबोली वहां पहुंचे और प्रभारी आचार्य से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने आयुक्त से सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इसकी जानकारी हासिल करनी थी तो अफसरों के पास जाते, उनसे शिकायत करते, लेकिन सीधे प्रभारी को धमकाना पूरी तरह गलत हैं। इस मामले में कंडारा से बातचीत की, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।
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