डाॅक्टर और नर्सिगकर्मी सीखेंगे याेग, इसके बाद मरीजाें काे सिखाएंगे

मरीजाें काे तनाव से मुक्त करने के लिए डाॅक्टर व नर्सिगकर्मी उनकाे याेग सिखाएंगे। इसके लिए चिकित्सा विभाग चिकित्सकाें और चिकित्साकर्मियाें काे याेग में पारगंत बनाने के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। इसके लिए चार चरण तय किए गए हैं। इसमें सरकारी अस्पतालों के डाॅक्टर मरीजों को योग और आसन की जानकारी भी देगें। सीएमएचओ डॉ. छाेटेलाल गुर्जर ने बताया कि चिकित्सकों को योग-आसन करने के लिए प्रशिक्षित करने के लिए चार चरण में प्रशिक्षण आयाेजित किया जाएगा।

एनएचएम मिशन निदेशक व विभाग के विशिष्ट शासन सचिव नरेश कुमार ठकराल ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए जिले के सभी चिकित्सकों से उनकी आईडी मांगी गई है। जिसके माध्यम से वे एप पर लाॅग इन कर सकेगे।

ये आसन और याेग सिखाएंगे
प्रशिक्षण से योग से पूर्व किए जाने वाले अभ्यास, ताडासन, वर्कासन, पदा हस्त आसन अर्ध चक्रासन, त्रिलोक आसन, भद्रा आसन वज्र, अर्ध उष्ट्र आसन, उष्ट्र आसन उत्तान मंडूक, वक्र, भुजंग आसन सलभ, सेतु बंध आसन, उत्तानपाद आसन अर्ध हलासन, पवन मुक्त आसन, शवासन कपाल भाती व प्राणयाम अनुलोम विलोम, सीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम उपरोक्त योग आसनों पर प्रश्नोत्तर काे लेकर प्रशिक्षण मिलेगा।

चार चरणाें में आयाेजित हाेगा शिविर
चिकित्सकाें काे याेग का प्रशिक्षण देने के लिए हर दिन सुबह 9 से 10 बजे तक एक घंटे का प्रशिक्षण मिलेगा। जिसमें हेल्थ वेलनेस सेंटर कार्यक्रम के तहत जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, और उप स्वास्थ्य केन्द्र-एसएचसी का चयन योग व मेडिटेशन के लिए किया गया है। चिकित्साकर्मियों को तीन चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 3 से 12 अगस्त तक दूसरा चरण और 4 से 12 सितंबर तक चलेगा।



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