उप रेलवे में पहली बार ट्रैक पर वाइड स्लीपर का किया उपयोग

उप रेलवे और अजमेर रेल मंडल में पहली बार ट्रैक पर वाइड स्लीपर (सामान्य आकर से बड़े और मजबूत ट्रैक के नीचे बिछाए जाने वाले सीमेंट पिलर) के उपयोग की शुरुआत कर दी गई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल पर सराधना- मांगलियावास खंड में वाइडर (अपेक्षाकृत चौड़े) पीएससी स्लीपरों का उपयोग किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे जोन के अंतर्गत सर्वप्रथम अजमेर मंडल में इस प्रकार के स्लीपर का उपयोग किया गया है। सोमवार को सराधना- मांगलियावास खंड में अप लाइन पर 520 मीटर लम्बाई के ट्रैक का पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण (सीटीआर) का कार्य पीक्यूआर एस द्वारा किया गया।

पीक्यूआर एस एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें स्लीपर्स के साथ पुरानी रेल को हटा दिया जाता है और ट्रैक बिछाने के उपकरण की सहायता से पूरी तरह से नए रेल पैनल को लगाया जाता है। पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण (सी टी आर) के अन्तर्गत एक ट्रैक नवीकरण ट्रेन में मशीनरी इकाइयों की एक शृंखला होती है, जिन्हें एक ट्रेन में एक साथ जोड़ा जाता है।

जैसे-जैसे ट्रैक नवीनीकरण ट्रेन आगे बढ़ती है, प्रक्रिया चरणबद्ध रूप से पूरी होती जाती है। वाइडर स्लीपर की ऊपरी सतह की चौड़ाई 210 एमएम तथा निचली सतह की चौड़ाई 280 एमएम होती है, जबकि साधारण स्लीपर की ऊपरी सतह की चौड़ाई 150 एमएम तथा निचली सतह की चौड़ाई 250 एमएम ही होती है। यह वाइडर पी एस सी स्लीपर उच्च एक्सेल लोड के लिए डिज़ाइन किए गए है।

यहां लगे पहली बार
पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण (सीटीआर) कार्य के लिए सराधना- मांगलियावास खंड पर 3 घंटा 40 मिनट तक का ब्लॉक लिया गया। इस कार्य के अंतर्गत कुल 42 पैनल स्थापित किए गए जिनमे 21 साधारण और 21 अपेक्षाकृत चौड़े पीएससी स्लीपर्स द्वारा शामिल थे। पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण सीटीआर की प्रक्रिया है जिससे ट्रैक की क्षमता बनी रहती है और दुर्घटना की संभावना भी रहेगी।

^उप रेलवे और अजमेर रेल मंडल में पहली बार वाइड स्लीपर लगाए गए है, इससे ट्रेन या मालगाड़ी का भार यह आसानी और सुरक्षित तरीके से उठा सकेंगे। इसमें वरिष्ठ मंडल इंजीनियर महेश चंद मीणा के विशेष प्रयास रहे हैं।
-नवीन कुमार परसुरामका, डीआरएम, अजमेर रेल मंडल



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Used wide sleeper on the track for the first time in sub railway


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