13 दिन, 625 राेगी। हर दिन शहर के हर इलाके में नए राेगी। एेसे में तीन थाना इलाकाें में ताे महाकर्फ्यू लगाकर गली-गली बल्लियां लगाने से निजात पा ली। अब भी हर दिन शहर के अलग-अलग हिस्साें में नए पाॅजिटिव आ रहे हैं। प्रशासन एक जगह कर्फ्यू की तैयारी करता है तब तक 10 नए राेगी रिपाेर्ट हाे जाते हैं।
मसलन, अभी रविवार काे जहां 31 राेगी रिपाेर्ट हुए थे उन सब जगह बैरिकैड लगे ही नहीं थे कि साेमवार काे 63 पाॅजिटिव रिपाेर्ट हाे गए। कर्फ्यू में कन्फ्यूजन की एक बानगी यह है कि पवनपुरी निवासी एक डाक्टर पांच दिन पहले पाॅजिटिव रिपाेर्ट हुअा अाैर साेमवार काे उसके घर के अागे बल्लियां लगाकर रास्ता बंद कर दिया। तब तक उसकी नेगेटिव रिपाेर्ट आ गई।
दाे दिन से प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एपेडेमियाेलाेजिस्ट आदि मिलकर ऐसी जगहाें काे चिह्नित करने में लगे हैं जिन्हें एक साथ मिलाकर बड़े एरिया काे कवर किया जा सके लेकिन हर दिन हालात बदल जाते हैं। ऐसे में अब मंगलवार काे फिर इस पर मशक्कत हाेगी। इस विकल्प पर भी विचार हाे रहा है कि तीन थाना क्षेत्राें के महाकर्फ्यू की तरह ही बाकी इलाकाें में भी पूरे थाना एरिया या बड़े एरिया में एक साथ जीराे माेबिलिटी लागू कर दी जाए जहां राेगी रिपाेर्ट हुए।
विकल्प : जिस तरह तीन थानाें में महाकर्फ्यू घाेषित कर जीराे माेबिलिटी घाेषित की, वैसे बाकी थाना इलाकाें में भी एक साथ बड़े एरिया में।
- कर्फ्यू एरिया काे क्लब करने पर विचार चल रहा है। ऐसे इलाके चिह्नित कर रहे हैं जहां से लगातार, बड़ी संख्या में राेगी रिपाेर्ट हाे रहे हैं। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-एपिडेमियाेलाॅजिस्ट से राय-मशविरे के बाद पूरी रिपाेर्ट जिला मजिस्ट्रेट काे देंगे। -सुनीता चाैधरी,एडीएम सिटी बीकानेर
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