नगर निगम महापौर अब किसी भी तरह की फाइल मंगवा सकेंगी। हाईकोर्ट ने स्वायत्त शासन विभाग के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें लिखा था कि मेयर को सीधे फाइल मंगवाने का अधिकार नहीं है। आयुक्त के चाहने पर फाइल की फोटो कॉपी मेयर को भेजी जा सकेगी।
मेयर सुशीला कंवर ने स्वायत्त शासन विभाग के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के इस आदेश से बीकानेर ही नहीं प्रदेश के अन्य निकायों को भी राहत मिली है। क्योंकि, निकायों में चुने हुए अधिकतर मेयर, सभापति, अध्यक्ष सभी इस व्यवस्था से पीड़ित थे।
मेयर सुशीला कंवर और आयुक्त के बीच फाइलों को लेकर चल रही खींचतान के कारण शासन स्वायत्त शासन ने 16 जून, 2020 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसे मेयर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट में मेयर का पक्ष रखते हुए उनके अधिवक्ता श्याम लदरेचा ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 क्यू के तहत भारत की संसद ने देश के प्रजातांत्रिक ढांचे में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के क्रम में जो प्रावधान दिए हैं, उनकी मजबूती के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों को नगर पालिका अधिनियम 2009 में स्वायत्तता का प्रावधान किया गया है।
इसी क्रम में समस्त शंकाओं को निर्मूल करते राजस्थान विधानसभा ने 2017 में संशोधन विधेयक संख्या 32 प्रस्तुत करते हुए नगर पालिका एक्ट में मेयर और अध्यक्षों को अधीक्षण व नियंत्रण के अधिकार स्पष्ट रूप से दे रखे हैं। धारा 323 में इस संशोधन के तहत नगर पालिका के पूर्ण नियंत्रण के स्थान पर अध्यक्ष के पूर्ण नियंत्रण को स्थापित किया गया।
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