शहर में लालसोट रोड स्थित शाह जमाल की दरगाह की चार दीवारी के पास गुरुवार रात को फिर बघेरा दिखाई दिया। शुक्रवार सुबह दरगाह परिसर में पग मार्क दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। पता चलने पर लोग एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा पग मार्क देखे। हालाकि टीम ने पग मार्क पुराने व जरख के होने की बात कही है, लेकिन लोगों का कहना है कि दरगाह की चारदीवारी के पास बघेरा दिखाई दिया। पद चिन्ह बघेरे के हैं।
लोगों ने बताया कि दरगाह परिसर में पहले भी बघेरा के पग मार्क दिखाई दिए थे। गौरतलब है कि दौसा में बघेरे का करीब 25 दिन से मूवमेंट है। बघेरा पहाड़ी पर नीलकंठ मंदिर के आसपास करीब एक दर्जन कुत्तों का शिकार कर चुका है। आबादी क्षेत्र में गुप्तेश्वर रोड पर भी बघेरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। मुर्शिद नगर व गेटोलाव रोड पर भी बघेरे के पग पार्क मिले थे। वन विभाग द्वारा बघेरे को पकड़ने के लिए पहाड़ पर पिंजरा लगाया गया था, पिंजरे की जगह बदलने के आठ दिन बाद भी बघेरा कैद नहीं हुआ।
बघेरे को नहीं पकड़ पाने से लोगों में दहशत है। वन क्षेत्र में पानी की कमी के कारण वन्य जीव आबादी क्षेत्र में पानी पीने आते हैं। पहाड़ी के बाद गुप्तेश्वर रोड, गेटोलाव रोड पर बघेरा दिखने से लोगों में भय व्याप्त हो गया। वन विभाग के रेंजर बबलूराम मीणा का कहना कि दरगाह परिसर में मिले पग मार्क पुराने हैं जो जरख के हैं।
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