सियासी संकट के बीच प्रदेश में केंद्र-राज्य की 5 एजेंसियां एकसाथ सक्रिय

सियासी उठापटक के बीच केंद्र एवं राज्य सरकार की पांच एजेंसियों की अचानक सक्रियता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबियों पर जहां सीबीआई, इनकम टैक्स एवं ईडी जैसी एंजेसियां काम कर रही हैं वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट एवं उनके समर्थकों के खिलाफ एसबी और एसओजी-एसटीएस ने एक तरह से मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, शह एवं मात के इस खेल में केंद्रीय एजेंसियां ज्यादा सक्रियता दिखा रही है।

इनकम टैक्स-ईडी के छापे, अब सीबीआई सक्रिय

केंद्रीय एजेंसियों ने अशोक गहलोत के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। उनके यहां इनकम टैक्स ने दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापे मारे, जहां से करीब 12 करोड़ पर की नकदी मिली है। वहीं, ईडी को भी कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें मनी लॉड्रिंग का केस बनाए जाने जैसी तैयारियां चल रही है।

उधर, इंस्पेक्टर विष्णु दत्त बिश्नोई आत्महत्या प्रकरण के जरिए सीबीआई ने भी गहलोत के करीबियों पर घेरा डालना शुरू कर दिया है। इसमें मामले में कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया, सीएम के ओएसडी एवं पीएसओ तक से पूछताछ की गई है।

एसओजी-एटीएस और एसीबी की कार्रवाई, लेकिन गति धीमी

एसओजी-एटीएस-एसीबी ने हॉर्स ट्रेडिंग विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर मामले दर्ज किए हैं। एसओजी में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सीएम एवं पूर्व डिप्टी सीएम सहित 16 विधायकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अभी तक पूछताछ नहीं हुई है। ऑडियो मामले में संजय जैन गिरफ्तार है। विधायक भंवरलाल शर्मा, विश्वेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह का नाम शामिल है। तीन निर्दलीयों सहित एसीबी ने भी अलग-अगल मामले दर्ज किए हैं।




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फाइल फोटो


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