दिल्ली-हरियाणा में पिछले पांच दिन से घूम रही एसओजी की टीम अब भी खाली हाथ है। अब तक निराश एसओजी की टीम लगातार विधायकों को तलाश तो कर रही है, लेकिन उसे न पायलट समर्थक विधायकों के बारे में कुछ पता चला है न ही उनका कोई ठिकाना वह ढूंढ़ पाई है। डीजीपी भूपेंद्र सिंह की चिट्ठी के बावजूद लगता है कि दिल्ली एवं हरियाणा पुलिस का अभी तक सहयोग राजस्थान पुलिस को मिल नहीं रहा है।
गौरतलब है कि एसओजी एवं एसीबी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इसमें कांग्रेस के बागी विधायक भंवर लाल शर्मा व पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह का नाम भी है। एसओजी को इन दोनों की ही तलाश है।
एसओजी-एटीएस के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि सीआईडी-सीबी के एसपी विकास शर्मा की अगुवाई में गठित टीम अभी भी दिल्ली व हरियाणा के मानेसर में संभावित जगह पर तलाश कर रही है। हालांकि, अभी तक सफलता मिली नहीं है। इस बीच जानकारी मिली है कि एसओजी की टीम ने दिल्ली एवं हरियाणा में आधा दर्जन से अधिक होटलों में भी तलाशी ली है।
गौरतलब है कि 18 जुलाई को डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने हरियाणा के डीजीपी और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर इस मामले में सहयोग मांगा था। ताकि, विधायकों से पूछताछ कर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
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