प्याज की गंठी को हवा भी चाहिए और पानी से भी बचाना है इसलिए 4 माह के लिए किसानों के घर बन जाते हैं गोदाम

इन दिनाें किसान प्याज की गंठी काे नमी से बचाने के लिए घराें के अंदर छताें व दीवाराें पर लटका देते हैं। ताकि ये सुरक्षित रह सकें। जनवरी महीने में प्याज के कण यानि बीज काे खेताें में बाेया जाता है और अप्रैल महीने में इससे बनी पाैध काे खेताें में से निकालकर किसान अपने घराें में लाकर प्याज की गंठी तैयार करने के लिए कमराें व दीवाराें पर लटका देते हैं ताकि इनकाे हवा लगती रहे।

अगस्त महीने में इनकाे फिर से खेताें में बाेया जाता है जिसके बाद दीपावली के आस-पास ये प्याज बनकर तैयार हाे जाती है और फिर किसान इन्हें बेचने के लिए मंड़ी ले जाता है। इस समय अलवर के आस-पास स्थित ग्रामीण क्षेत्राें के मकानाें में इस तरह लटके प्याज की गंठियां देखने काे मिल जायेंगी अकबरपुर में एक मकान के अंदर लटकी हुई प्याज की गंठियां।फोटो : देवेंद्र शर्मा



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Onion bundle also needs air and water has to be saved, so farmers' homes are built for 4 months.


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