विश्वव्यापी कोविड 19 महामारी के चलते लॉकडाउन होने पर करीब तीन महीने से पाकिस्तान में फंसे मां-बेटे शुक्रवार को वतन लौट आए। अपनी सरजमीं पर लौटे तो भावुक हो उठे। बालोतरा निवासी नगर परिषद पार्षद हीना मेहर ने अपने परिजनों की स्वदेश वापसी के लिए पूरी कोशिश की।
मेहर ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी से आग्रह किया कि पाकिस्तान में भारत के फंसे 748 लोग वतन लौट आए हैं, मगर उनके दो परिजन अभी वहां फंसे हैं। इस पर मंत्री चौधरी ने विदेश मंत्रालय से बार-बार संपर्क कर उनकी वतन वापसी सुनिश्चित करवाई। लॉकडाउन होने से पाकिस्तान में मां-बेटे को काफी परेशानी भी देखनी पड़ी लेकिन भारत आए तो उनकी मायूसी खुशी में बदल गई।
24 फरवरी को गए थे पाक, मार्च में लॉकडाउन से फंसे
जोधपुर जिले के लोर्दी देजगरा गांव के निवासी अयूब खान (53 वर्ष) पुत्र अमीन खान व उनकी माता बिस्मिल्ला (90 वर्ष) पत्नी अमीन खान 24 फरवरी को अपने रिश्तेदार अनवर खान से मिलने पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बसे सिंजोरा गए थे। उन्होंने एक माह तक वहां रुकने का वीजा लिया था। जैसे से रवानगी करने लगे तो 22 मार्च को भारत में कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन हो गया इससे वो वापस वतन लौट नहीं सके।
तीन रात वाघा बॉर्डर पर गुजारी, बिस्किट व पानी ही नसीब हुआ
अनलॉक होने पर 25, 26 व 27 जून को पाकिस्तान में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए वाघा-अटारी बॉर्डर खोल दिया गया। इसकी जानकारी पड़ने पर अयूब व उनकी माता वहां पहुंचे, लेकिन लिस्ट में नाम नहीं होने पर उनको भारत आने अनुमति नहीं मिली। उस वक्त करीब 748 भारतीयों की वतन वापसी हुई थी।
ऐसे में नाम के इंतजार में उन्होंने तीन दिन बॉर्डर पर बीता दिए। अयूब ने कहा कि बॉर्डर पर कुछ वक्त तो उन्होंने बिस्किट खाकर भूख शांत की । बॉर्डर से रिश्तेदार का घर 1400 किमी दूर होने से वो बॉर्डर स्थल पर ही रुके रहे। पाकिस्तान में फंसे मां-बेटे बालोतरा में रहने वाली वार्ड संख्या 27 पार्षद हीना मेहर के मामा व नानी लगते हैं। हीना मेहर ने अपने परिजनों की वतन वापसी के लिए यहां केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी से आग्रह किया।
इस पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने तुरंत विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर भारत आने की अनुमति दिलाई। इसके साथ ही केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने भी पैरवी कर विदेश मंत्रालय को अवगत करवाया। इस पर 2 जुलाई को उनको अनुमति मिल गई तथा 9 जुलाई को वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते होते हुए 10 जुलाई को जोधपुर अपने घर पहुंचे। भारत आने पर जांच करवाकर होम क्वारेंटाइन हुए।
मंत्री के प्रयासों से हुई वतन वापसी
- करीब 3 माह से मेरे परिजन पाकिस्तान में फंसे थे। वृद्ध होते के नाते नानीजी की तबियत भी ठीक नहीं रहती। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री से मांग की तथा उन्होंने पुरजोर कोशिश कर वतन वापसी करवाई। इसके लिए मैं मंत्री की आभारी हूं। - हीना मेहर, पार्षद वार्ड संख्या 27 बालोतरा
काफी दिन से परेशान थे, अब घर पहुंचे
- बालोतरा से पार्षद हीना मेहर, पूर्व पार्षद शाबीर मेहर, सफी खां ने अपने परिजन के पाकिस्तान में फंसे होने की जानकारी दी। लॉकडाउन होने से वो परेशान भी बहुत थे। विदेश मंत्रालय से अनुमति दिलाई तथा वो कई महीनों बाद पुन:स्वदेश लौटे। - कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री
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