जिलेभर में सावन के महीने में रिमझिम फुहारों और झमाझम बारिश का इंतजार बना हुआ है। घटा घिरती है बारिश के आसार बनते हैं, लेकिन बादल बिन बरसे ही गुजर जाते हैं। बारिश नहीं होने और हवा बंद रहने से रात के समय भी पारा 28 डिग्री पर बना हुआ है। इससे कूलर और पंखे की हवा में लोगों को राहत नहीं दे पा रही है।
सावन के महीने में बारिश नहीं हो रही है। दिनभर धूप खिलने से रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। रात के समय भी गर्मी और उमस से लोग बेहाल हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण की आशंका के बारिश नहीं होने से लोगों की परेशानी दोहरी हो गई है।
मानसून सीजन की शुरुआत में कुछ जगह पर ही बारिश हुई है। अब सावन का महीना बीत रहा है। बारिश नहीं होने से वातावरण पर असर पड़ रहा है। उमस के कारण लोगों को पंखे और कूलर की हवा में भी राहत नहीं मिल रही है। लोग घबराहट, उल्टी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
अब मानसूनी बारिश की झड़ी का इंतजार
जिले में मानसून कमजोर पड़ने से लोगों को बारिश का इंतजार बना हुआ है। आधा सावन निकलने के बाद भी मानसूनी बारिश की झड़ी का इंतजार है। बादलों की आवाजाही तो हो रही है, लेकिन बादल बिन बरसे ही निकल रहे है। ऐसे में तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। बादलाें की आवाजाही के साथ धूप निकलने से वातावरण में उमस का प्रभाव बढ़ रहा है।
तेज धूप निकलने से 36 डिग्री तक पहुंच गया पारा
जिलेभर में सुबह बादलों की आवाजाही रही। दिन चढ़ने के साथ तेज धूप खिली। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। लोग गर्मी व उमस के कारण कूलर-पंखे बेअसर रहे। देर शाम तक शहर में बारिश नहीं गिरी। बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी के अनुसार रविवार सुबह 8 से शाम 5 बजे तक सिर्फ मांगरोल में 1 एमएम बारिश दर्ज हुई।
सलाह: बदलते मौसम में एसी चलाने से बचें : डॉ. विजय
प्रमुख विशेषज्ञ मेडिसिन डाॅ. उमेश कुमार विजय ने बताया कि संक्रामक बीमारियां बदलते मौसम के तापमान बदलाव और ह्यूमिडिटी लेवल से प्रभावित होती है। संक्रामक रोग चाहे बैक्टीरिया, वायरस या अन्य ऑर्गेनिज्म से हों, इन पर तापमान का ज्यादा असर नहीं देखा गया है। ऐसे समय में एसी का 22 से 25 डिग्री का तापमान इंफेक्शन का कारण बन सकता है। नेचुरल एयर फ्लो से संक्रमण कम होता है। एसी वेंट में स्माल इन्फेक्टिव ड्राॅपलेट जमा होकर संक्रमण फैला सकते हैं।
अटकी है धान की राेपाई
धान की बुवाई करने वाले किसान अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विभाग उपनिदेशक अतिश कुमार शर्मा ने बताया कि इस साल जिले में 22 हजार हैक्टेयर रकबे में धान की बुवाई का लक्ष्य है। लेकिन बारिश का दौर थमने के कारण कई किसान धान की रुपाई नहीं कर पाए हैं।
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