1982 में बनासकांठा में हुई 1.32 लाख की बैंक डकैती के मामले में 38 साल बाद बाड़मेर से आराेपी सतीदान गिरफ्तार

वर्ष 1982 में गुजरात के बनासकांठा में 1.32 लाख रुपए बैंक डकैती व फायरिंग की घटना में तीन लोगों की मौत के आरोप में फरार बाड़मेर के गडरारोड निवासी आराेपी सतीदान को गिरफ्तार करने के लिए गुजरात की एसओजी व एटीएस टीम शुक्रवार को बाड़मेर पहुंची। आरोपी को उसके घर से पकड़ा और गिरफ्तार कर गुजरात ले गई।

आरोपी के खिलाफ 1982 में गुजरात के अमीरगढ़ थाने में डकैती, आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज है और 38 साल से फरार था। गुजरात पुलिस आरोपी को पकड़ ले जाने लगी तो बाड़मेर पुलिस को उसके अपहरण की सूचना दी गई। इससे दो राज्यों की पुलिस के बीच असमंजस की स्थिति बनी और गुजरात पुलिस की गाड़ी को नाकाबंदी में पकड़ लिया गया।

थाने में पूछताछ और गिरफ्तारी वारंट के बाद बाड़मेर पुलिस ने आरोपी सतीदान को गुजरात पुलिस को सुपुर्द किया। बाड़मेर एसपी आनंद शर्मा के मुताबिक गुजरात पुलिस वांछित आरोपी को पकड़ने आई, लेकिन इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई। इस पर अपहरण हो जाने की सूचना मिलने पर नाकाबंदी कर गाड़ी को पकड़ा गया। पूरे मामले की वास्तु स्थिति सामने आने पर गाड़ी को छोड़ दिया।

डकैती, आर्म्स एक्ट, चोरी, हत्या के प्रयास सहित 10 मामले दर्ज है, सिर्फ एक गुजरात के मामले में था वांछित

गुजरात के बनासकांठा जिला के अमीरगढ़ थाना में 1982 में बैंक डकैती की घटना हुई थी। इस घटना में फायरिंग में तीन लोगों की मौत भी हुई थी। 38 साल पुराने इस मामले में गडरारोड के बिजावल निवासी सतीदान सिंह वांछित था। शुक्रवार को गुजरात की एटीएस व एसओजी टीम बाड़मेर पहुंची।

बाड़मेर पुलिस को बिना सूचना दिए डकैत के गांव पहुंच उसके घर पर दबिश दी गई। जब गुजरात की एटीएस टीम वहां पहुंची तब आराेपी घर ही था। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया और परिजन कुछ समझ पाते उससे पहले ही वहां से गुजरात पुलिस रवाना हो गई।

दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने अपहरण की सूचना

गुजरात एटीएस व एसओजी की गाड़ी को पुलिस ने पकड़ा, वारंट दिखाने पर छोड़ा

इधर परिजनों ने सतीदानसिंह को घर से अचानक बिना नंबरी दो गाड़ियों में ले जाने की सूचना बच्चू खां ने बाड़मेर एसपी आनंद शर्मा को दी। अपहरण की इस घटना को देखते हुए बाड़मेर पुलिस ने नाकाबंदी करवा दी। गिराब, शिव, रामसर, गडरारोड, बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र में भी नाकाबंदी करवाई गई।

हरसाणी के पास नाकाबंदी में गुजरात की दोनों गाड़ियों को पकड़ लिया गया, इसके बाद गडरारोड थाना ले गए। एसपी आनंद शर्मा और बनासकांठा एसपी के बीच वार्ता हुई। बिना सूचना के आरोपी की गिरफ्तारी होने से दोनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही।

जब गिरफ्तारी वारंट और वांछित आरोपी की हिस्ट्री सामने आई तब जाकर बाड़मेर पुलिस ने आरोपी सतीदान को गुजरात पुलिस को सुपुर्द किया। सतीदानसिंह के खिलाफ पुलिस थाना गडरारोड में 4, गिराब में 3, थाना रामसर व शिव में 1-1 प्रकरण लूट, नकबजनी, चोरी व मारपीट के दर्ज है। इन सभी में चालान हो रखे हैं और आरोपी इन मामलों में वांछित नहीं है।

आरोपी सतीदान के खिलाफ हत्या का प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट व चोरी के 10 मामले, सिर्फ एक में वांछित

गडरारोड एसएचओ अमरसिंह ने बताया कि आरोपी सतीदान के खिलाफ 1980 में गिराब व रामसर थाने में धारा 457, 380, वर्ष 1982 में गडरारोड थाने में 307, 392, 397, वर्ष 1982 में शिव थाने में धारा 379, गुजरात के बनासकांठा अमीरगढ़ थाने में 398, 396, 397 व 25 सी आर्म्स एक्ट, वर्ष 1983 में गडरारोड थाने में धारा 394, वर्ष 1991 गिराब थाने में आईपीपीआर एक्ट 3/6, वर्ष 1983 में गिराब थाना में 392, 307, 34, वर्षा 1995 में गडरारोड थाने में 3/25, 7/25 आर्म्स एक्ट, वर्ष 2010 में गडरारोड थाने में धारा 147, 323, 397 में मामला दर्ज है। इसमें कई मामलों में दोषमुक्त हो चुके हैं, जबकि कई मामले कोर्ट में विचाराधीन है।



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Arappi Satidan arrested from Barmer after 38 years in a case of 1.32 lakh bank robbery in 1982 in Banaskantha


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