कोरोना संक्रमण के दौर में लंबे समय रहे लॉकडाउन ने रेलवे की कमाई को बेपटरी कर दिया है। वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है। उत्तर-पश्चिम जोन के जोधपुर, जयपुर, अजमेर और बीकानेर मंडल में अप्रैल से जून तक रेलवे को 100 रुपए कमाने के लिए 233 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
आगे भी पैसेंजर ट्रेनों में यात्री मिलने मुश्किल हैं, ऐसे में रेलवे ने बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट बनाकर मंडल और जोन स्तर पर अधिकारियों को रेलवे की मार्केटिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अपने-अपने मंडल में व्यापारियों, उद्योगों व दूसरे काम धंधे वाले लोगों से संपर्क कर उनसे माल लदान के माध्यम से रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए मैदान में उतरेंगे। इनको भी निजी कंपनियों की तर्ज पर टारगेट दिए जाएंगे।
दरअसल, उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन को अप्रैल से जून तक यात्री किराए से करीब 617 करोड़ रुपए की कमाई करनी थी तो माल लदान से करीब 1184 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य था। रेलवे को इन तीन महीनों में यात्रियों से मिलने की जगह 53 करोड़ रुपए लौटाने पड़े हैं तो माल लदान में 873 करोड़ रुपए ही मिले। ऐसे मेें अब रेल अधिकारी विभागीय कार्यों के साथ मंडल के शहरों की विभिन्न फैक्ट्री मालिकों, कंपनियों, छोटे व्यापारियों व वाणिज्यिक संगठनों से मिलकर रेलवे द्वारा माल परिवहन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
लोगों को बताएंगे रेलवे की आकर्षक स्कीम
उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रवक्ता अभय शर्मा के अनुसार माल ढुलाई आय दुगुनी कर आमदनी बढ़ाने के लिए अब अन्य गैर पारंपरिक माल लदान को भी आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए बनी बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट व्यावसायिकों और उद्योगपतियों काे रेलवे की आकर्षक योजनाओं से अवगत कराएगी।
व्यावसायिकों को यह बताने का प्रयास किया जाएगा कि रेलवे से माल ढुलाई अन्य परिवहनाें से बेहतर और विश्वसनीय होने के साथ ही मितव्ययी भी है। व्यापार उद्योग से प्राप्त किसी भी प्रस्ताव का तत्काल क्षेत्रीय स्तर पर विश्लेषण किया जाएगा और अन्य जोनल रेलवे और रेलवे बोर्ड से यदि आवश्यक हो, तो तुरंत सहायता मांगी जाएगी। बोर्ड स्तर पर स्थापित बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट ऐसे प्रस्तावों की प्राप्ति से एक सप्ताह के समय सीमा में निर्णय लेगी।
जोधपुर में परिचालन प्रबंधक को बनाया समन्वयक
उत्तर-पश्चिम रेलवे ने मुख्यालय और जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर मंडल में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया है। इसमें परिचालन विभाग, वाणिज्य विभाग, यांत्रिक विभाग, इंजीनियरिंग विभाग व वित्त विभाग से एक-एक वरिष्ठ अधिकारी समेत पांच अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यालय स्तर पर मुख्य माल यातायात प्रबंधक व मंडल स्तर पर वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक इन यूनिटों में समन्वयक का कार्य करेंगे, जिनसे व्यवसायिक व उद्योगपति सीधे संपर्क कर सकते हैं।
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