प्रदेश सरकार ने आखिरकार 10 माह बाद संशाेधित मोटर व्हीकल एक्ट के जुर्माने लागू कर दिए। हालांकि, राहत की बात ये है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जुर्माने को प्रदेश सरकार ने दस गुना तक कम किया है। जैसे-रेड लाइट जंप करने पर केंद्र ने 10 हजार रु. का भारी-भरकम जुर्माना लगाया था, जबकि प्रदेश सरकार ने इसे एक हजार रु. किया है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्रंक एंड ड्राइव) पर केंद्र ने 10 हजार रु. जुर्माना और 6 माह की सजा का प्रावधान किया है, जबकि राज्य सरकार ने इसे 10 हजार रु. जुर्माने तक सीमित कर दिया है। ओवरलोडिंग वाहनाें पर अब 40 हजार रु. तक का जुर्माना हाेगा। सीएम अशोक गहलोत ने परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के साथ इस विषय में चर्चा कर 1 सितंबर, 2019 से लागू मोटर यान (संशोधन) अधिनियम-2019 के तहत जुर्माना राशि निर्धारण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने 10 महीने पहले ही संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने जुर्माने की राशि कम करने के कारण इसे लागू नहीं किया। इससे पहले 1998 में मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ था। अब 29 साल बाद इसमें बदलाव किया है। हालांकि, प्रदेश में लागू नया जुर्माना मौजूदा से ज्यादा है। इस पर सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के लिए प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि है।
इसलिए सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वाहन चालन से जुड़े अपराधों के प्रति कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा संबंधी सभी नियमों की आवश्यक रूप से पालना करें। यह उनके जीवन की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
अब ट्रैफिक नियम तोड़ना आपको और महंगा पड़ेगा
अभी रेड लाइट जंप करने पर 500 रु., शराब पीकर वाहन चलाने पर 2000 रु. और 6 माह की सजा, मोबाइल पर बात करने पर 500 रु. जुर्माना लगता था।
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